अँधेरी हवेली का आखिरी मेहमान एक ऐसी डरावनी कहानी, जिसे पढ़ने के बाद शायद आप रात में अकेले सोना पसंद न करें... बरसात की वह रात आज भी गाँव के बूढ़े लोगों की यादों में ज़िंदा है। कहते हैं, उस रात आसमान सिर्फ बारिश नहीं बरसा रहा था... बल्कि किसी अधूरी आत्मा का दर्द भी धरती पर उतर रहा था। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव भैरवपुर के बाहर, घने जंगलों के बीच एक पुरानी हवेली खड़ी थी। लोग उसे "काली हवेली" कहते थे। दिन में भी वहाँ कोई जाने की हिम्मत नहीं करता था। बच्चों को डराने के लिए माताएँ कहती थीं— "अगर शरारत की... तो काली हवेली वाली औरत तुम्हें ले जाएगी।" लेकिन किसी ने कभी यह जानने की कोशिश नहीं की कि उस हवेली में आखिर था क्या... जब लालच डर से बड़ा हो गया शहर का रहने वाला आरव एक यूट्यूबर था। वह ऐसी जगहों पर जाकर वीडियो बनाता था जहाँ लोग जाने से डरते थे। एक दिन उसे किसी ने काली हवेली के बारे में बताया। "अगर हिम्मत है... तो वहाँ पूरी रात बिताकर दिखाओ।" आरव हँस पड़ा। "भूत-वूत कुछ नहीं होते... बस लोगों का वहम होता है।" उसने कैमरा उठाया...
IAS Officer aur Gaon ki Ladki ki Prem Kahani (Part 3 – The End) सोनापुर गाँव की सुबह पहले जैसी नहीं रही थी। जहाँ कभी टूटी सड़कें और उदास चेहरे दिखाई देते थे, वहीं अब बच्चों की हँसी, नई सड़कें और उम्मीदों से भरी आँखें नज़र आती थीं। लेकिन ज़िंदगी कभी किसी को बिना परीक्षा लिए मंज़िल नहीं देती। और आर्यन व गौरी की ज़िंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा अभी बाकी थी। अचानक आया तबादले का आदेश एक सुबह जिला कार्यालय में हलचल मच गई। आर्यन सिंह के टेबल पर एक सरकारी पत्र रखा था। "आपका तत्काल प्रभाव से दूसरे जिले में स्थानांतरण किया जाता है।" कमरे में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। उनके साथी अधिकारी समझ चुके थे कि यह तबादला सामान्य नहीं था। भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई कार्रवाई ने कई बड़े लोगों को परेशान कर दिया था। आर्यन ने आदेश पढ़ा... हल्की-सी मुस्कान दी... और फाइल बंद कर दी। उनके लिए कुर्सी से ज्यादा ईमानदारी मायने रखती थी। पूरे गाँव की आँखें नम थीं जब सोनापुर के लोगों को यह खबर मिली, तो किसी को विश्वास ही नहीं हुआ। चौपाल पर सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। बूढ़े रामलाल बोले— "जि...